सलमान ख़ुर्शीद की बातों से ऐसा लगता है की देश की समस्या भय भूख और भ्रष्टाचार नहीं है बल्कि जनता की ताक़त से तीन तीन बार लोकतांत्रिक तरीके से गुजरात में जीत दर्ज करने वाले नरेन्द्र मोदी स्वयं ही इस देश के लिये सबसे बडी समस्या हैं. लेकिन हमारी समझ से , देश के लिये तो नहीं बल्कि कांग्रेस के भाई भतीजावाद के समर्थन करने वालों के लिये "मोदीत्व" सचमुच में एक ऐसी समस्या है जिसका कोई ईलाज अभी तक कांग्रेसी समझ या खोज नहीं पाये हैं। मोदी जी ने सब कांग्रेसियों की नींद जो चुरा ली है। और जब व्यक्ति ढंग से नींद नहीं ले पाता तो अपना होशो-हवास खोकर ऐसी गालियाँ दे दिया करता है, जिसे बोलकर बाद में पछताना पड़ता है।
वैसे अब यह बात भी ऊभर कर जनता के सामने आ चुकी है की सलमान ख़ुर्शीद जैसे व्यक्ति को भारत के संविधान और न्याय प्रणाली पर कोई विश्वास नही है, क्योंकि वे अब ऐसे व्यक्तित्व पर कीचड़ उछाल रहे हैं जिसे राष्ट्रिय और अंतरराष्ट्रीय , दोनों प्रकार से गुड गवर्नेन्स करने की मान्यता मिल चुकी है।
साथ ही साथ नरेन्द्र मोदी ने भारत की संवैधानिक और न्याय प्रक्रिया , दोनों की सर्वाधिक कठिन परीक्षाओं का साहस और ईमानदारी से न केवल सामना किया है बल्कि ईनको डिस्टिनक्सन मार्क से पास भी किया है ।
स्वाभाविक बात है कि आज तक जो वोट बैंक की सस्ती राजनिती करके भारत के लोकतंत्र को मुर्ख बनाते आये हैं ,वो मोदी की ईस सफलता से क्यूँ नहीं चिढ़ेंगे ।
ख़ुर्शीद जैसे नेता लोग जो न तो भारत की न्याय प्रणाली में विश्वास रखते हैं और न हीं लोकतांत्रिक तरीके से चुनें गये जनाधार को मानते हैं, वास्तव में ऐसे लोग देश का कभी भला नहीं कर सकते हैं। क्युँ ??? क्यूंकि ऐसे लोग छद्म रूप से आतंकवादी विचारधारा का ही समर्थन करते हैं। क्युँकि आतंकी भी किसी देश में अपनी बात मनवाने के लिये गोली बन्दूकों का इस्तेमाल करते हैं , फर्क बस ईतना ही है कि सलमान ख़ुर्शीद ने अभी तक मुंह से ही नरेन्द्र मोदी के ऊपर गोलियाँ और गालियाँ बरसा रहे हैं। ईसका कारण सिर्फ ईतना है कि नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस की पिछले साठ साल से चली आ रही वोट बैंक की दुकान को पुरी तरह से निलामी की दहलीज़ पर लाके खड़ा कर दिया है क्युँकि जनता को अब विकास बैंक वाली राष्ट्रनिति में भरोसा जगा है। और ईतिहास गवाह है कि भारतीय जनता को जब जब सच्चे देशनायकों और उनकी बातों में भरोसा जगा है, तब तब एक क्रंान्ति हूयी है। और मेरा मानना है कि एक बार गाँधी,सुभाष,आज़ाद पर भरोसा करके हमें स्वराज्य मिला था और अब नरेन्द्र मोदी , शिवराज , रमण, परिकर और राजे के नेतृत्व में हमें "सुराज" भी मिलेगा । ऐसी हमें उम्मीद ही नहीं बल्कि पुर्ण विश्वास भी है।
जय हिन्द
वन्दे मातरम
if we go by logic of salman khurshid, congress failed to protect those who were killed during india pakistan formation.
जवाब देंहटाएंThis kinds of double standard leaders dont have logic. You know this is the same Salman Khurseed who wrote in his Book "At Home in India:A restatement of Indian Muslims" that Sikhs (and Hindus)suffered during 1984 riots was only dues to their SINS committed against Muslims in 1947 during Partition.
हटाएंBelow is the Exerpt from his book.
"On the other hand, there was also terrible there was also a terrible satisfaction amongst Muslims, who had not completeely forgotten the Partition 's unpleasant, aftermath.Hindus and sikhs were alike paying for their 'sins'. They were paying for the blood they had down in 1947. They were paying for life of Mrs Indira gandhi who after her father Jawahar lal nehru, was percieved as the "only hope of the Muslims" in India.
No doubt he has strong associations with SIMI with this above. Thats why I raised the issue that he indirectly is supporting Terrorism in India. We must be aware about this Psuedo war played at emotional level by our political leaders.
Thanks for commenting.