शनिवार, 11 अक्टूबर 2014

महाराष्ट्र चुनाव का पाकीस्तान कनेक्शन Connection of Maharashtra election2014with Pakistan ISI and dawood

यह तो हम सभी को मालूम हैकी दाऊद इब्राहिम कासकर कहाँ छुपा बैठा है, और यह भी सबको पता है उसके सारेकाले कारोबार कहाँ से चलते हैं और यह भी की पाकिस्तानऔर आईएसआई उसको बचाक्यों रहे हैं ....अगर आपको न पता हो तो आपकी जानकारीके लिए बता दूँ की दाऊद अभी तक पाकिस्तान के कराची शहर में मौजूद है और वह अपने सारे काले धंधे मुंबई, यानी महाराष्ट्र की भूमिसे चलाता है ..और पाकिस्तानी आईएसआई उसका सपोर्ट इसलिए करती है क्यूंकि वह पाकिस्तान में बैठा बैठा हमारे नेताओं भ्रष्ट अफसरों की काली कमाई को हवाला के जरिये स्विस बैंकोंमें भिजवाता है और साथ ही साथ पाकिस्तान के मनपसंद काम , भारत में आतंकवाद और दहशतगर्दी को बढ़ावा देताहै....और तो और दाऊद की कमाई का बहुत बड़ा हिस्सा हो न हो पाकिस्तान की आर्मी के खर्चे में भी जाता ही होगा....और हमारे देश से कमाकर पाकिस्तानी आर्मी हमी पर गोला बारूद बरसाती है...क्यूंकि ये बात सर से ऊपर चली जाती है की पाकिस्तान जैसा गरीब देश  , भारत जैसेबड़े देश पर हमले पर हमले करे और वो भी बिलावजह...
तो आईये थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं ..
महाराष्ट्र का चुनाव भारतीयजनता पार्टी के लिए बहुतमहत्व का इसलिए है क्यूंकि इसकी सहयोगी रही शिवसेना ने भी नरेंद्र मोदी विरोधी खेमा में जुड़ गयी है . आश्चर्य इसलिए भी होता है केवल मुख्यमंत्री पद के लिए भी उद्धव अपनी हार स्वीकार करने को तैयार हैं....क्यूंकियह सभी जानते हैं की अब भारतीय जनता पार्टी के सहयोग के बिना सरकार बनाना संभव नहीं है, तो फिर उद्धव ठाकरे ने ऐसा क्योंकिया ??? इसका जवाब तो वही जाने लेकिन मुझे जहाँ तक लगता है की उनकी भी पार्टी में बहुत सारे बाहुबलि हैं जो महाराष्ट्र की सत्ता पर नज़रें गड़ाए हुए हैं ,....क्यूंकि अपनाकाम करवाने के लिए दाऊद की जेब भरने के लिए पैसा सबको चाहिए .....साथ ही साथ दावूद के गुर्गे कहीं न कहीं शिव सेना में भी अपनी पैठ बनाये हुए हैं जिनके दबाव के वजह से उद्धव ठाकरे , राज ठाकरे को भी नरेंद्र मोदी के विरोध में बोल रहे हैं , क्यूंकि यह बात समझ से परे ही है की उद्धव ठाकरे ने २०१४ के लोकसभा चुनाव से  सीख न लेकर मोदी के विरोध में चुनाव लड़ने का फैसला क्युँ किया है ... इससे भी ज्यादा आश्चर्य तब होता है जब यही शिव सेना के तथाकथित नेता मोदी का ऐसा घोर विरोध कर रहे हैं जैसे की १५ साल से कुशाशन कर रही कांग्रेस और ऍनसीपी का कोई दोष ही नहो,,,,,,इन्हें जनता के बारे में बात नहीं करनी है केवल और केवल मोदी विरोध ....लेकिन ये शिव सेना वही गलती कर रही है जो "आप पार्टी" ने दिल्ली के विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत पाने के बाद की थी ....और वो गलती थी मोदी का विरोध ...और इसलिए उसे लोकसभा में ऐसी मुंह की खानी पड़ी थी की अरविन्द केजरीवाल की बोलती बंद हो गयी थी ....क्यूंकि उसने भी लोगों से मोदी नाम पर भी वोटमांगे थे ....इसलिए मोदी का विरोध करके शिवसेना भी वही गलती दोहरा रही है....लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है की शिव सेना मोदी के विरोध में यह सब जानते हुए भी क्यों आई है???...क्या यह अहम का टकराव है या , मुख्यमंत्री पद की लड़ाई, या फिर और कुछ जिसमे दाउद का हाथ है... ..खैर जो भी हो अगर भारतीय जनतापार्टी पूर्ण बहुमत से महारष्ट्रमें आती है तो इसमे सबसे ज्यादा नुक्सान दावूद इब्राहिम कास्कर का होने वाला है और जाहिर सी बात इससे पाकिस्तान के मनसुबों को बहुत बड़ा नुक्सान होगा क्यूंकि तब उसके भारतमें आतंकवाद को बढ़ावा देनेकी बहुपंचवर्षीय योजना पर पानी फिर जाएगा .....और भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी कर पाकिस्तान अपनी इसी हताशा का परिचय दे रहा है......वो यह सोच रहा है किसी तरह से मोदी को उकसाकर युध्द हो जाय और उसी को चुनावी मुद्दा बनाकर दाऊद कीमदद मोदी विरोधी सरकार बन जाए .....और यह मैं इसलिए कह रहा हूँ ...की मोदी विरोधी सारी पार्टियां एक ही बात कहती हैं वो यह की पाकिस्तान के साथ युद्ध चल रहा है और प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार कर रहे हैं ...ये बात सबने कही है ,....फिर चाहे वो ऍनसीपी के नेता हो या फिर शरद पवार , उद्धवठाकरे , राज ठाकरे और या फिर कोई और...साफ है कीमोदी विरोधी खेमे के पास बसयही बात कहने को है....लेकिन फिर भी मोदी जी ने इसका माकूल जवाब दे दिया है की सीमा पर मोदी की जरूरत नहीं हमारे वीर जवानो की गोलियां ही काफी हैं.......साठ साल से कुशाशन देने वाली सरकारें कितनी बेशरम होकर मोदी जी से ६०दिनों के काम का हिसाब मांग रही हैं और साथ ही साथ पैसों वाली वोट बैंक राजनिति कर रही हैं , लेकिन इन्हे पता नहीं की मोदी जी ने जो ६० दिनों में कर दिखाया वो कांग्रेस से ६०सालों में भी संभव नहीं हुआ । मसलन बेकार के कानूनो को खत्म करना और जन धन योजना के तहत सभी गरीब पिछड़ों के जीवन बीमा सहित बैंक एकाउंट खुलवाना....हालाँकि अभी बहुत कुछ करना बाकी है
महाराष्ट्र के चुनाव में अगर भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत से आती है तो दावूद और उसका पाकिस्तानी कनेक्शन पूरी तरह से समाप्त हो जायेगा और यही चीज़ पाकिस्तान के दुख का कारण है और इसी से वह यहाँ की राजनीतिक पार्टियों को सीमापर गोलीबारी करकर एक चुनावी मुद्दा देना चाहता है ताकि वोटों के बटने से महाराष्ट्र में स्थिर सरकार न बन पाये ....शिव सेना का अलग होना इसका मात्र एक उदाहरण है ...
ये तो रही मेरी बात ...हो सकता है यह गलत या सही हो लेकिन अब सही गलत का असली फैसला महाराष्ट्र जनता को करना होगा जिसे अपना भूत और भविष्यकाल दोनों को देखकर वर्तमान में एक ऐसी सरकार चुननी होगी जो केवल जनताकी भलाई की बात करे नाकी महाराष्ट्र को तोड़ने जोड़ने की और ना ही मुख्यमंत्री पद की....जो भी होगा वह भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई के लिएबहुत अहम है
जय हिन्द जय भारत




A secret report of Mausad in Israel says the quoted image

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